Ballia: बसपा के इकलौते विधायक उमाशंकर सिंह का निधन
बलिया। संवाददाता। बलिया जनपद के रसड़ा विधानसभा क्षेत्र से विधायक उमाशंकर सिंह का बुधवार की देर रात नई दिल्ली में निधन हो गया है। उत्तर प्रदेश के बलिया जिले की रसड़ा विधानसभा सीट से बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के विधायक हैं। वह छात्र जीवन से राजनीति में सक्रिय रहे हैं और 2012, 2017 व 2022 के विधानसभा चुनावों में लगातार तीन बार विजयी होकर अपनी मजबूत राजनीतिक पकड़ का परिचय दिया है। उमाशंकर सिंह का जन्म 2 जनवरी 1971 को बलिया जिले के नगरा थाना अंतर्गत खनवर गांव में एक साधारण परिवार में हुआ। बलिया के प्रतिष्ठित सतीश चंद्र कॉलेज से स्नातक (ग्रेजुएशन) तक की शिक्षा प्राप्त किया। राजनीति के साथ-साथ वह एक प्रमुख सिविल ठेकेदार (कंट्रैक्टर) और व्यवसायी भी थे। क्षेत्र में उन्हें गरीबों का मसीहा और 'रॉबिनहुड' के रूप में जाना जाता है, जो अपने जनहित कार्यों के लिए लोकप्रिय हैं। वर्ष 1990-91 में बलिया के सतीश चंद्र कॉलेज के छात्रसंघ के महामंत्री चुने गए। वर्ष 2000 में वह जिला पंचायत सदस्य निर्वाचित हुए। उन्होंने पहली बार 2012 के विधानसभा चुनाव में बसपा के टिकट पर रसड़ा सीट से चुनाव लड़ा और भारी मतों से जीत दर्ज किया।दूसरी जीत वर्ष 2017 की राजनीतिक लहर के बावजूद उन्होंने रसड़ा सीट पर फिर से जीत हासिल किया। वर्ष 2022 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में वह बहुजन समाज पार्टी के इकलौते ऐसे विधायक रहे, जिन्होंने पार्टी को जीत दिलाई। पार्टी में उनके महत्वपूर्ण प्रभाव को देखते हुए उन्हें बसपा विधानमंडल दल का नेता भी बनाया गया।
वरिष्ठ लिपिक से 80 हजार रुपए की घोखाधड़ी
आजमगढ़। जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राकेश प्रकाश से धोखाधड़ी करके साबइर फ्राड ने झांसा देकर व धोखाधडी करके उनके बैक खाते दो बार में अस्सी हजार एक सौ अन्ठानबे रूपये निकाल लिये। घटना की वरिष्ठ सहायक ने लिखित रूप से कोतवाली पुलिस को दी। जिसके आधार पर पुलिस ने भातीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 की धारा 318(4) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर लिया।
कोतवाली पुलिस को 13 सितम्बर को दिये प्रार्थना पत्र में जिला निर्वाचन कार्यालय के वरिष्ठ सहायक राकेश प्रकाश ने बताया कि 20.6.25 को काल आया और बताया गया कि आपक एसबीआई कार्ड से कोई भी लेन देन से इएमआई का कोई शुल्क नही लगेगा। यह कहकर कार्ड नम्बर मागा गया कार्ड नम्बर देने के पश्चात मेरे के खाते से रु0 50199.00 जीबी रेजफर्स्ट गेम रिफरेन्स नम्बर 20 जून 2025 का तथा रुपये 29999.00 एजीए डिजिटल वर्क प्रा.लि. के रिफरेन्स नम्बर से कुल 80198 रुपये निकाल लिया गया है। प्रार्थना पत्र के आधार पर कोतवाली पुलिस ने प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दिया है।
Ballia: मडुआ की लिट्टी पड़ी भारी, खाने से 12 से ज्यादा लोग बीमार, हड़कम्प
बलिया। बांसडीह रोड थाना क्षेत्र के आसचौरा गांव में जिउतिया व्रत की परंपरा के तहत मडुआ के आटे से बनी लिट्टी-रोटी खाने के कुछ देर बाद ही एक दर्जन से अधिक लोगों महिलाओं व।बच्चों की तबीयत बिगड़ गई। किसी को उल्टी-दस्त तो किसी को तेज चक्कर आने लगा। एक साथ कई लोगों के बीमार पड़ने से गांव में हड़कंप मच गया। परिजन आनन-फानन में सभी को बांसडीह सीएचसी लेकर पहुंचे। प्राथमिक उपचार के बाद कुछ गंभीर हालत वाले मरीजों को जिला अस्पताल रेफर किया गया।
ग्रामीणों के अनुसार, शुक्रवार सुबह महिलाएं स्नान-ध्यान के बाद जिउतिया की तैयारी में सोनू वर्मा की दुकान से मडुआ का आटा खरीदकर घर लाई थीं। इसी आटे से लिट्टी व रोटी तैयार किया। परंपरा के अनुसार खाने के कुछ समय बाद ही लोगों की तबीयत बिगड़ने लगी। देखते ही देखते कई घरों में बीमार लोगों को अस्पताल ले जाने की स्थिति बन गई।
गांव के बीमार 26 वर्षीय पिंकी पत्नी पिंटू , 33 वर्षीय पुष्पा , 10 वर्षीय शिवम , 40 वर्षीय फूलमती, 36 वर्षीय सुनीता , नौ वर्षीय देवा, 32 वर्षीय सुमन, और 35 वर्षीय रंजिता वर्मा आदि हैं।
एक ही दुकान से खरीदे गए मडुआ के आटे को लेकर तरह-तरह की चर्चा शुरू हो गई। बीमारी की वास्तविक वजह चिकित्सकीय जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
बांसडीह सीएचसी के चिकित्साधिकारी डॉ. वीरबहादुर ने बताया कि मरीजों में फूड प्वाइजनिंग की स्थिति सामने आई है।
Ballia : पूर्व मंत्री रामगोविन्द चौधरी का लखनऊ में निधन
बलिया। समाजवादी पार्टी के कदावर नेता बांसडीह व चिलकहर विधानसभा से आठ बार निर्वाचित पूर्व मंत्री राम गोविंद चौधरी का लखनऊ के पीजीआई अस्पताल में शुक्रवार को निधन हो गया। वह 82 वर्ष के थे। पिछले करीब दो वर्षों से वह हृदय रोग की गंभीर बीमारी से जूझ रहे थे।
उनके की खबर मिलते ही बलिया समेत पूरे प्रदेश में शोक की लहर दौड़ गई। विभिन्न राजनीतिक दलों के सांसदों, विधायकों, विधान परिषद सदस्यों और कार्यकर्ताओं ने सोशल मीडिया के माध्यम से शोक संवेदना व्यक्त की।
राम गोविंद चौधरी का जन्म सिकंदरपुर विधानसभा क्षेत्र के गोसाईपुर गांव में 9 जुलाई 1946 को हुआ था। रामगोविन्द चौधरी ने अपने राजनीतिक जीवन की शुरुआत छात्र राजनीति से की थी। वह बलिया शहर के टीडी कॉलेज के छात्रसंघ अध्यक्ष रहे थे। वर्ष 1977 में उन्होंने पहली बार चिलकहर विधानसभा के टिकट पर विधानसभा चुनाव लड़ा और जीत दर्ज की। वह चिलकहर विधानसभा से पांच बार विधायक रहे। इसके बाद वर्ष 2002, 2012 और 2017 के विधानसभा चुनाव में बांसडीह विधानसभा से विजय हासिल कर तीन बार विधायक बने। रामगोविन्द चौधरी तीन बार प्रदेश सरकार में मंत्री तथा एक बार नेता प्रतिपक्ष भी रहें। रामगोविन्द चौधरी 1990 में उद्यान प्रसंस्करण मंत्री रहें। दूसरी बार वर्ष 2003 में मुलायम सिंह यादव के मंत्रीमंडल में बाल विकास पुष्टाहार मंत्री बने। मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की सरकार में रामगोविन्द चौधरी वर्ष 2012 से 2017 तक बेसिक शिक्षा व बाल विकास पुष्टाहार मंत्री पद पर भी कार्य किया। रामगोविन्द चौधरी वर्ष 2017 से 2022 तक विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष पद पर विराजमान रहें।